Notes Of A Spiritual Playboy(नोट्स ऑफ़ अ स्पिरिचुअल प्लेबॉय)

‘नोट्स ऑफ़ अ स्पिरिचुअल प्लेबॉय’ लेखक सुनील साहिल की एक विचारोत्तेजक और आत्मविश्लेषणात्मक कृति है, जो आधुनिक जीवन, आध्यात्मिक खोज, प्रेम, स्वतंत्रता और आत्मबोध के विविध आयामों को प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक पारंपरिक आध्यात्मिक धारणाओं से हटकर पाठकों को स्वयं के भीतर झाँकने और जीवन को अपने अनुभवों के आधार पर समझने के लिए प्रेरित करती है। लेखक का मानना है कि आध्यात्मिकता किसी बाहरी आडंबर, कर्मकांड या दिखावे का विषय नहीं, बल्कि स्वयं को जानने और सचेत होकर जीवन जीने की प्रक्रिया है।

पुस्तक में लेखक अपने अनुभवों, विचारों और जीवन के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से यह बताते हैं कि मनुष्य का वास्तविक विकास तभी संभव है जब वह सामाजिक पूर्वाग्रहों, भय और कृत्रिम पहचान से मुक्त होकर स्वयं को स्वीकार करे। वे प्रेम, संबंध, सफलता, असफलता, अकेलेपन और इच्छाओं जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा करते हैं तथा यह समझाने का प्रयास करते हैं कि जीवन की हर घटना आत्म-विकास का अवसर बन सकती है।

सुनील साहिल इस बात पर विशेष बल देते हैं कि आध्यात्मिकता का अर्थ संसार से भागना नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक अनुभव को जागरूकता और संतुलन के साथ जीना है। वे आत्मनिरीक्षण, ध्यान, सकारात्मक दृष्टिकोण और वर्तमान क्षण में जीने की महत्ता को रेखांकित करते हैं। पुस्तक पाठकों को अपनी सोच पर प्रश्न उठाने, सीमित मान्यताओं से बाहर निकलने और जीवन के प्रति व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा देती है।

सरल, प्रभावशाली और संवादात्मक शैली में लिखी गई ‘नोट्स ऑफ़ अ स्पिरिचुअल प्लेबॉय’ केवल आध्यात्मिक विचारों का संग्रह नहीं, बल्कि आत्मखोज और जीवन को अधिक सार्थक बनाने की एक प्रेरक यात्रा है। यह कृति पाठकों को आत्मविश्वास, स्वतंत्र चिंतन, आंतरिक शांति और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा देती है, जिससे वे बाहरी उपलब्धियों के साथ-साथ आंतरिक संतोष और आत्मबोध भी प्राप्त कर सकें।

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ISBN : 9789393434524

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Publication: Divyansh Publications
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‘नोट्स ऑफ़ अ स्पिरिचुअल प्लेबॉय’ लेखक सुनील साहिल की एक विचारोत्तेजक और आत्मविश्लेषणात्मक कृति है, जो आधुनिक जीवन, आध्यात्मिक खोज, प्रेम, स्वतंत्रता और आत्मबोध के विविध आयामों को प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक पारंपरिक आध्यात्मिक धारणाओं से हटकर पाठकों को स्वयं के भीतर झाँकने और जीवन को अपने अनुभवों के आधार पर समझने के लिए प्रेरित करती है। लेखक का मानना है कि आध्यात्मिकता किसी बाहरी आडंबर, कर्मकांड या दिखावे का विषय नहीं, बल्कि स्वयं को जानने और सचेत होकर जीवन जीने की प्रक्रिया है।

पुस्तक में लेखक अपने अनुभवों, विचारों और जीवन के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से यह बताते हैं कि मनुष्य का वास्तविक विकास तभी संभव है जब वह सामाजिक पूर्वाग्रहों, भय और कृत्रिम पहचान से मुक्त होकर स्वयं को स्वीकार करे। वे प्रेम, संबंध, सफलता, असफलता, अकेलेपन और इच्छाओं जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा करते हैं तथा यह समझाने का प्रयास करते हैं कि जीवन की हर घटना आत्म-विकास का अवसर बन सकती है।

सुनील साहिल इस बात पर विशेष बल देते हैं कि आध्यात्मिकता का अर्थ संसार से भागना नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक अनुभव को जागरूकता और संतुलन के साथ जीना है। वे आत्मनिरीक्षण, ध्यान, सकारात्मक दृष्टिकोण और वर्तमान क्षण में जीने की महत्ता को रेखांकित करते हैं। पुस्तक पाठकों को अपनी सोच पर प्रश्न उठाने, सीमित मान्यताओं से बाहर निकलने और जीवन के प्रति व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा देती है।

सरल, प्रभावशाली और संवादात्मक शैली में लिखी गई ‘नोट्स ऑफ़ अ स्पिरिचुअल प्लेबॉय’ केवल आध्यात्मिक विचारों का संग्रह नहीं, बल्कि आत्मखोज और जीवन को अधिक सार्थक बनाने की एक प्रेरक यात्रा है। यह कृति पाठकों को आत्मविश्वास, स्वतंत्र चिंतन, आंतरिक शांति और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण विकसित करने की प्रेरणा देती है, जिससे वे बाहरी उपलब्धियों के साथ-साथ आंतरिक संतोष और आत्मबोध भी प्राप्त कर सकें।

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Sunil Sahil

Sunil Sahil is a contemporary Hindi poet, humorist, and writer known for his engaging blend of wit, sensitivity, and social observation. Born in Haryana in 1978, he has studied Arts, Journalism, Fashion Designing, and Mass Communication. He has participated in numerous Kavi Sammelans in India and abroad, earning recognition for his humorous and thought-provoking poetry. His works have been widely published in leading Hindi literary magazines, and he has authored two poetry collections. Alongside his literary pursuits, he has worked as a trainee journalist with television news channels and has also been associated with media and public relations. His writing reflects everyday life, human emotions, and contemporary society with simplicity, humor, and depth.
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