The Mind And Money(‘द माइंड एंड मनी)

‘द माइंड एंड मनी’ लेखक तरुण प्रकाश की एक प्रेरणादायक और व्यावहारिक पुस्तक है, जो धन, सफलता और मानसिकता के गहरे संबंध को स्पष्ट करती है। पुस्तक का मूल संदेश है कि आर्थिक समृद्धि केवल अधिक कमाने से नहीं, बल्कि सही सोच, अनुशासित आदतों और विवेकपूर्ण वित्तीय निर्णयों से प्राप्त होती है। लेखक बताते हैं कि व्यक्ति की धन संबंधी मान्यताएँ, विश्वास और व्यवहार ही उसके आर्थिक भविष्य का निर्माण करते हैं।

पुस्तक में समझाया गया है कि सकारात्मक मानसिकता, स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति व्यक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है। लेखक इस बात पर बल देते हैं कि धन कमाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे अधिक आवश्यक है उसे सही ढंग से बचाना, निवेश करना और उसका बुद्धिमत्तापूर्ण प्रबंधन करना। वे वित्तीय अनुशासन, नियमित बचत, दीर्घकालिक निवेश और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण को आर्थिक स्वतंत्रता की आधारशिला मानते हैं।

तरुण प्रकाश यह भी बताते हैं कि भय, असफलता का डर और सीमित सोच व्यक्ति को आगे बढ़ने से रोकते हैं। यदि व्यक्ति स्वयं पर विश्वास रखे, नए अवसरों को पहचानना सीखे और अपनी क्षमताओं का निरंतर विकास करे, तो वह आर्थिक सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकता है। पुस्तक में आत्म-विकास, समय प्रबंधन, सकारात्मक आदतों और सतत सीखने के महत्व पर भी विशेष प्रकाश डाला गया है।

सरल भाषा, व्यावहारिक उदाहरणों और प्रेरक विचारों से भरपूर यह पुस्तक पाठकों को धन के प्रति संतुलित और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देती है। ‘द माइंड एंड मनी’ केवल वित्तीय सफलता का मार्गदर्शक नहीं, बल्कि ऐसी जीवनशैली विकसित करने का संदेश देती है जिसमें सही मानसिकता, आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर प्रयास के माध्यम से व्यक्ति आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ संतोष, आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक सफलता भी प्राप्त कर सके।

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ISBN : 9789393434098

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Publication: Divyansh Publications
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‘द माइंड एंड मनी’ लेखक तरुण प्रकाश की एक प्रेरणादायक और व्यावहारिक पुस्तक है, जो धन, सफलता और मानसिकता के गहरे संबंध को स्पष्ट करती है। पुस्तक का मूल संदेश है कि आर्थिक समृद्धि केवल अधिक कमाने से नहीं, बल्कि सही सोच, अनुशासित आदतों और विवेकपूर्ण वित्तीय निर्णयों से प्राप्त होती है। लेखक बताते हैं कि व्यक्ति की धन संबंधी मान्यताएँ, विश्वास और व्यवहार ही उसके आर्थिक भविष्य का निर्माण करते हैं।

पुस्तक में समझाया गया है कि सकारात्मक मानसिकता, स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति व्यक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है। लेखक इस बात पर बल देते हैं कि धन कमाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे अधिक आवश्यक है उसे सही ढंग से बचाना, निवेश करना और उसका बुद्धिमत्तापूर्ण प्रबंधन करना। वे वित्तीय अनुशासन, नियमित बचत, दीर्घकालिक निवेश और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण को आर्थिक स्वतंत्रता की आधारशिला मानते हैं।

तरुण प्रकाश यह भी बताते हैं कि भय, असफलता का डर और सीमित सोच व्यक्ति को आगे बढ़ने से रोकते हैं। यदि व्यक्ति स्वयं पर विश्वास रखे, नए अवसरों को पहचानना सीखे और अपनी क्षमताओं का निरंतर विकास करे, तो वह आर्थिक सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकता है। पुस्तक में आत्म-विकास, समय प्रबंधन, सकारात्मक आदतों और सतत सीखने के महत्व पर भी विशेष प्रकाश डाला गया है।

सरल भाषा, व्यावहारिक उदाहरणों और प्रेरक विचारों से भरपूर यह पुस्तक पाठकों को धन के प्रति संतुलित और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देती है। ‘द माइंड एंड मनी’ केवल वित्तीय सफलता का मार्गदर्शक नहीं, बल्कि ऐसी जीवनशैली विकसित करने का संदेश देती है जिसमें सही मानसिकता, आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर प्रयास के माध्यम से व्यक्ति आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ संतोष, आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक सफलता भी प्राप्त कर सके।

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Tarun Prakash

\'तरुण प्रकाश\' एक समर्थ रचनाकार हैं। एक ही समय में उनमें साहित्य की अनेक विधायें व क्षेत्र उपस्थित हैं और\r\nउनके सृजन का हर फोल्ड बेजोड़ है। वे जब गद्य रचते हैं तो \'मध्यांतर\' (कथा साहित्य), साइंस ऑफ मनी (नान-\r\nफिक्शन) व \'माइंड एंड मनी\' (नान-फिक्शन) जैसी कृतियाँ सामने आती हैं और जब पद्य रचते हैं तो \'मैं असहमत हूँ व\r\n\'हवा के खिलाफ़\' (ग़ज़ल-संग्रह), \'गीत-उत्सव\', \'गीत-पर्व\' व \'गीत-युग\' (गीत-संग्रह) व \'द्वीप के उस पार\' (नई कविता)\r\nजैसी कृतियाँ उपस्थित होती हैं। व्यवसाय से वे एक कुशल एडवोकेट व लॉ फर्म ओनर हैं। वे आई.सी.एन. डिजिटल\r\nमीडिया ग्रुप के सीनियर एक्जीक्यूटिव एडीटर व ट्रस्ट के वायस चेयरमैन भी हैं।
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