Kashi Moksh KI Nagri(काशी : मोक्ष की नगरी)

‘काशी : मोक्ष की नगरी’ लेखक अमिताभ कुमार की एक ज्ञानवर्धक और सांस्कृतिक कृति है, जिसमें भारत की प्राचीनतम नगरी काशी (वाराणसी) के धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत वर्णन किया गया है। लेखक काशी को केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक मानते हैं। पुस्तक में काशी की उत्पत्ति, पौराणिक मान्यताओं, धार्मिक परंपराओं और इसकी अनूठी जीवनशैली को सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

पुस्तक में भगवान शिव की प्रिय नगरी के रूप में काशी के महत्व का वर्णन करते हुए बताया गया है कि हिंदू मान्यता के अनुसार यहाँ मृत्यु होने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेखक काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा के घाटों, संकरी गलियों, प्राचीन मंदिरों, आश्रमों और यहाँ की सांस्कृतिक विरासत का सजीव चित्रण करते हैं। साथ ही वे बताते हैं कि यह नगर सदियों से विद्वानों, संतों, दार्शनिकों, कलाकारों और साधकों की कर्मभूमि रहा है।

अमिताभ कुमार काशी की धार्मिक आस्था के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक विविधता, संगीत, साहित्य, शिक्षा और लोकजीवन पर भी प्रकाश डालते हैं। वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, गंगा आरती, देव दीपावली, विभिन्न पर्व-त्योहारों तथा यहाँ की विशिष्ट जीवन-पद्धति का उल्लेख करते हुए काशी की बहुआयामी पहचान को सामने लाते हैं। पुस्तक यह भी दर्शाती है कि आधुनिकता के प्रभाव के बावजूद काशी ने अपनी प्राचीन परंपराओं और आध्यात्मिक स्वरूप को आज भी सुरक्षित रखा है।

सरल, तथ्यपूर्ण और प्रभावशाली भाषा में लिखी गई यह पुस्तक काशी के इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक महत्व को समझने का उत्कृष्ट माध्यम है। ‘काशी : मोक्ष की नगरी’ पाठकों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं से परिचित कराते हुए काशी की दिव्यता, सांस्कृतिक वैभव और मोक्ष की अवधारणा को गहराई से समझने की प्रेरणा देती है।

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ISBN : 9789389245950

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Publication: Divyansh Publicaions
Description:

‘काशी : मोक्ष की नगरी’ लेखक अमिताभ कुमार की एक ज्ञानवर्धक और सांस्कृतिक कृति है, जिसमें भारत की प्राचीनतम नगरी काशी (वाराणसी) के धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत वर्णन किया गया है। लेखक काशी को केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक मानते हैं। पुस्तक में काशी की उत्पत्ति, पौराणिक मान्यताओं, धार्मिक परंपराओं और इसकी अनूठी जीवनशैली को सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

पुस्तक में भगवान शिव की प्रिय नगरी के रूप में काशी के महत्व का वर्णन करते हुए बताया गया है कि हिंदू मान्यता के अनुसार यहाँ मृत्यु होने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेखक काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा के घाटों, संकरी गलियों, प्राचीन मंदिरों, आश्रमों और यहाँ की सांस्कृतिक विरासत का सजीव चित्रण करते हैं। साथ ही वे बताते हैं कि यह नगर सदियों से विद्वानों, संतों, दार्शनिकों, कलाकारों और साधकों की कर्मभूमि रहा है।

अमिताभ कुमार काशी की धार्मिक आस्था के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक विविधता, संगीत, साहित्य, शिक्षा और लोकजीवन पर भी प्रकाश डालते हैं। वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, गंगा आरती, देव दीपावली, विभिन्न पर्व-त्योहारों तथा यहाँ की विशिष्ट जीवन-पद्धति का उल्लेख करते हुए काशी की बहुआयामी पहचान को सामने लाते हैं। पुस्तक यह भी दर्शाती है कि आधुनिकता के प्रभाव के बावजूद काशी ने अपनी प्राचीन परंपराओं और आध्यात्मिक स्वरूप को आज भी सुरक्षित रखा है।

सरल, तथ्यपूर्ण और प्रभावशाली भाषा में लिखी गई यह पुस्तक काशी के इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक महत्व को समझने का उत्कृष्ट माध्यम है। ‘काशी : मोक्ष की नगरी’ पाठकों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं से परिचित कराते हुए काशी की दिव्यता, सांस्कृतिक वैभव और मोक्ष की अवधारणा को गहराई से समझने की प्रेरणा देती है।

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Dr. Amitabh Kumar

A visionary leader dedicated to social change, community welfare, and the power of literature to transform society. Born in Lucknow on May 20, 1968, Dr. Kumar\'s life embodies integrity, resilience, and unwavering commitment to public service.
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